आधुनिक भारत की आधुनिक राजनीति
- PUSHKAR SINGH

- Dec 8, 2019
- 4 min read
आधुनिक भारत की आधुनिक राजनीति
अध्याय1:-पूछे इंडिया आपसे

भारतीय राजनीति ने बहुत सारे महान राजनीतिज्ञों को जन्म दिया है। भ्रष्टाचार की जड़ें चाहे कितनी भी गहरी हों, भारत में इन महान और ईमानदार राजनेताओं ने भारतीय नागरिकों की भलाई के लिए कड़ी मेहनत की है। आगामी चुनाव में अपना वोट देने से पहले, राष्ट्र में सबसे ईमानदार कौन?ये थोड़ा देखा जाए!

सोनिया गांधी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
इंडियन नेशनल कांग्रेस
देश के दूसरे सबसे मजबूत राजनीतिक नेता के रूप में, सोनिया गांधी हैं। उनके पति राजीव गांधी (भारत के पूर्व प्रधानमंत्री) की हत्या के 7 साल बाद 1997 में उन्हें पार्टी अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। भले ही उनके पास कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है, लेकिन उन्होंने पार्टी की कमान अपने हाथो में लिया इस निस्वार्थ कार्य के परिणामस्वरूप भारत में कांग्रेस पार्टी की लंबे समय से खोई हुई छवि ठीक हो गई। अपनी सास और पति की राह पर चलकर, उन्होंने देश के विकास में खुद को समर्पित किया। उनकी अक्सर भारत के सबसे ईमानदार राजनेताओं के रूप में प्रशंसा की जाती है! पर इन पर भी बहुत आरोप लगे पर हम आज उस पर बात नहीं करेंगे क्यों क्योंकि यह अभी सिर्फ कांग्रेस की अध्यक्ष हैं ना की देश के किसी भी प्रतिष्ठित पद पर विराजमान हैं!यह विपक्ष की पार्टी है इसके लिए इनके पर हमारी कोई प्रतिक्रिया नहीं
सवाल
तो मौजूदा सरकार से है और सरकार बीजेपी की है !

कुछ बताने से पहले हम बात करते हैं अपने आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में नरेंद्र मोदी का जन्म गुजरात में हुआ वह गुजरात के मुख्यमंत्री भी रहे और भाजपा और आरएसएस के साथ जुड़े रहे!
भले ही वह देश के साथ-साथ अपनी पार्टी भाजपा से भी भ्रष्टाचार को दूर करने में विफल रहे! लेकिन वे भारत के ईमानदार राजनेताओं की सूची में शामिल हैं। नरेंद्र मोदी एक समय भारत के सबसे सम्मानित राजनीतिक नेताओं में से एक थे।लेकिन उनके खराब फैसलों ने राष्ट्र के प्रधानमंत्री के रूप में उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया। उन्हें भारत में विमुद्रीकरण (demonetisation)और जीएसटी (Goods and Services Tax)जैसी नीतियों का मसौदा लागू किया!जो एक बहुत ही साहसिक कार्य था।

दूसरी ओर,
उनकी आलोचना की जाती है क्योंकि वह देश में एक बड़ी आर्थिक हानि और रोजगार हानि को सफलतापूर्वक पैदा करने वाली किसी भी योजना को निष्पादित करने में विफल रहे। हालाँकि उन पर वर्ष 2002 में गुजरात में हुए दंगों का आरोप था, लेकिन उन पर भ्रष्टाचार के आरोप कभी नहीं लगे।भारत के प्रधानमंत्री के रूप में अपनी असफलताओं की संख्या के बावजूद, वह अपनी स्थिति और राष्ट्र के प्रति ईमानदार रहे हैं जो कि भ्रष्ट हो चुकी राजनीतिक पार्टी, भाजपा की तुलना में बहुत सराहनीय कदम है।
जब से उन्होंने
प्रधानमंत्री की सीट ली है, उन्होंने अन्य देशों के साथ भारत के संबंध को बेहतर बनाने के लिए जबरदस्त प्रयास किए हैं। इसे इनकी बदकिस्मती कह ले या उनके नेतृत्व में को कमी! पिछले लगभग 6 वर्षों में देश ने कई बैंक और उद्यगपतियों ने धोखाधड़ी का सामना कराया! आप राष्ट्र की जीडीपी को बनाए रखने में विफल रहे!और पिछले कुछ वर्षों में इसने अपने रिकॉर्ड को छुआ है। यह तथ्य आपको काफी झकझोर सकता है क्योंकि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी के शासन में उनके प्रधानमंत्रित्व काल से ठीक पहले की जीडीपी एक रिकॉर्ड ऊंचाई पर थी।

आरोप-प्रत्यारोप पर आते हैंl
बात करेंगे! देश की दो सबसे बड़ी पार्टी की!कांग्रेस और बीजेपी की। जो आरोप लगाती है बीजेपी कि कांग्रेस ने 70 साल में क्या किया तो मैं इस बात से भी सहमत हूं कि कांग्रेस ने क्या किया 70 साल से!पर मैं यह पूछना चाहता हूं क्या कांग्रेस ने कुछ नहीं किया?? क्या हमने उस स्थिति से निकलकर आज कुछ बुलंदियों को नहीं छू रहे!आज हमारा हिंदुस्तान ऐसा परिस्थिति नहीं क्रिएट कर रहा।जिससे हम आधुनिक भारत के आधुनिक इतिहास को कलंकित कर रहे है।हमारे देश की परिस्थिति ऐसी होती जा रही की हम ध्रुवीकरण के शिकार होते जा रहे। जिसके कारण हमें बहुत सारी यातना शहनी पड़ती है! देश नहीं चाहता कि कुछ ऐसा हो जो हमारे देश की संपूर्णता और सामाजिकता को क्षति पहुंए! जहां तक मुझे लगता है! देश की यह आवाज है की बेरोजगारी खत्म हो ,शिक्षा की व्यवस्था अच्छी हो, ऐसा राजतंत्र आए जिसमें सब को रोजगार, शिक्षा, आर्थिक आधार पर देश की संरचना करना जिससे हर जरूरतमंद को उनका अधिकार मिले!हमारा हिंदुस्तान यशस्वी हो......देश की हर एक जनता देश देशभक्त है।किसी की सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं। जैसा कि आज हम देख रहे हैं

वर्तमान परिस्थिति में एक राजनीतिक पार्टी,दूसरे राजनीतिक पार्टी को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है। कोई यह नहीं सोच रहा कि हमारे देश की परिस्थिति जो है उसको कैसे सुधारा जाए! हमारे देश में बहुत सारे मुद्दे हैं!
आदरणीय प्रधानमंत्री जी

1) क्या आप भूल गए है प्रधानमंत्री बनने के बाद किसानों को!
#किसी ने की जवातलब किया! उत्तर आया 6 हजार दिया तो!
6 हजार का मतलब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
क्या हमारी किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक है!
क्या हमारे किसान भारतीय जनता पार्टी से संतुष्ट है??

2)क्या आप भूल गए है कि आपने 2 करोड़ रोजगार देने वाली स्कीम निकाली थी
#किसी ने की जवातलब किया! उत्तर आया अभी विदेश यात्रा पर हूं!
2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 84 देशों की यात्रा के दौरान चार्टर्ड उड़ानों, विमानों के रखरखाव और हॉटलाइन सुविधाओं पर 1,484 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.ये सिर्फ जुलाई 2018 तक कि रिपोर्ट है जो कि विदेश मामलों के राज्य मंत्री वीके सिंह ने राज्यसभा में बताया था!

3) क्या आप भूल गए कि महंगाई पर कंट्रोल भी करना है आपका अहम मुद्दा था ये!
#किसी ने की जवातलब किया! उत्तर आया महाराष्ट्र और झारखंड में बिजी हूं!

#और आप के नेतृत्व में जो आपकी वित्त मंत्री जी हैं वह तो प्याज भी नहीं खाती तो उनको महंगाई से कोई मतलब ही नहीं!
#क्या आप भूल गए कि जो कंपनी आप बेच रहे है! वो तो आपने हम सब को बताया ही नहीं चुनाव के टाइम की आप ऐसा भी कुछ करोगे!

अब आखिर में,
आधुनिक राजनीति के लिए आपको प्रणाम। पर सर आपने यह जरूर बता दिया के कोई एक आदमी ईमानदार हो तो सिस्टम ठीक नहीं हो सकता उसके लिए हर एक आदमी को संकल्प लेना पड़ेगा ऐसे मैं किसी के आंतरिक मामले में दखल नहीं देता पर सर यह आपका आंतरिक मामला नहीं यह हमारे राष्ट्र से जुड़ा मामला है जिसे मैं अपने शब्दों में आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूं अगर कोई भूल चूक हो तो कृपया करके क्षमा प्रदान करें !
।।।जय हिन्द!!जय भारत।।।
🇮🇳🙏🤝🇮🇳📝
आपका अज्ञानी
पुष्कर सिंह
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Thanks




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